ट्रस्टी सेवा और साधना के माध्यम से गुरुदेव के विचारों को जन-जन तक पहुँचाएँ : आदरणीय योगेंद्र गिरी जी
हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय ट्रस्ट मंडल कार्यशाला का समापन प्रेरणादायी वातावरण में हुआ। समापन सत्र में शांतिकुंज के व्यवस्थापक आदरणीय योगेंद्र गिरी जी ने कहा कि ट्रस्टी होना केवल संस्था का दायित्व निभाना नहीं, बल्कि गुरुदेव के विचारों को समाज तक पहुँचाने का महान अवसर है। इस दायित्व को सेवा और साधना की भावना से निभाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रज्ञा संस्थान एवं गायत्री शक्तिपीठ समाज में सद्विचारों के 'सैटेलाइट सेंटर' हैं, जहाँ से संस्कार और साधना का प्रकाश जन-जन तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने सभी ट्रस्टियों से संगठन में समन्वय बनाए रखते हुए पुराने-नए कार्यकर्ताओं, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों को साथ लेकर चलने तथा नियमित आत्मपरीक्षण और गुरुदेव के साहित्य के अध्ययन पर बल दिया।
कार्यशाला के दौरान शांतिकुंज के अनेक वरिष्ठ वक्ताओं ने मिशन के विभिन्न आयामों, संगठन सशक्तीकरण और युगनिर्माण अभियान पर मार्गदर्शन दिया। समापन संगठन, सेवा, समन्वय एवं युगनिर्माण के संकल्प के साथ हुआ।
प्रस्तुत है कार्यक्रम के कुछ छाया चित्र
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