सृजनशील और जागृत युवा ही राष्ट्र की सच्ची सम्पत्ति : श्री केदार प्रसाद दुबे
हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में गायत्री परिवार के युवा जागरण अभियान के अंतर्गत दिल्ली से आए लगभग 300 युवाओं का दो दिवसीय युवा जागरण शिविर उत्साहपूर्ण वातावरण में चल रहा है। 8 एवं 9 अगस्त 2026 को आयोजित इस शिविर में युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण, जीवन के उद्देश्य, सामाजिक दायित्व एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर दिनभर मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में ‘सृजनशील जागृत युवा – राष्ट्र की सच्ची सम्पत्ति’ विषय पर युवा प्रकोष्ठ समन्वयक आदरणीय श्री केदार प्रसाद दुबे जी भाई साहब का प्रेरणादायी मार्गदर्शन युवाओं को प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि युवा केवल उम्र का नाम नहीं है, बल्कि ऊर्जा, उत्साह, विचार और कुछ नया करने की क्षमता का नाम है। जिस युवा के भीतर अपने जीवन के उद्देश्य की समझ हो, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव हो तथा समस्याओं को देखकर उनके समाधान खोजने की इच्छा हो, वही जागृत युवा है।
उन्होंने कहा कि सृजनशीलता का अर्थ केवल कोई नई चीज बनाना नहीं है, बल्कि जहाँ समस्या दिखाई दे, वहाँ समाधान पैदा करना ही वास्तविक सृजनशीलता है। आज राष्ट्र को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जिनमें ज्ञान, चरित्र, कौशल, संवेदना और सेवा का सुंदर समन्वय हो।
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को सकारात्मक दिशा में लगाएँ तथा अपने व्यक्तित्व के विकास के साथ समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ। जागृत, सृजनशील और संवेदनशील युवा ही समर्थ एवं संस्कारित राष्ट्र के निर्माण का आधार बन सकते हैं।
प्रस्तुत है कार्यक्रम के कुछ छाया चित्र
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