गंगाजली, युगऋषि के साहित्य, हरितिमा संवर्धन और गुरुदेव-माताजी की झांकी के साथ निकली श्रावण शिवरात्रि कावड़ महायात्रा
हरिद्वार।
अखिल विश्व गायत्री परिवार की प्रमुख श्रद्धेया जीजी एवं श्रद्धेय डॉक्टर साहब के आशीर्वाद से श्रावण शिवरात्रि के पावन अवसर पर गायत्री तीर्थ शांतिकुंज से भव्य श्रावण शिवरात्रि कावड़ महायात्रा निकाली गई। यात्रा में पावन गंगाजली, हरितिमा संवर्धन का संदेश, युगऋषि का साहित्य तथा गुरुदेव-परम वंदनीया माताजी की मनोहारी झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
महिला मंडल की अध्यक्षा आदरणीया शैफाली पंड्या दीदी जी एवं शांतिकुंज व्यवस्थापक आदरणीय योगेंद्र गिरी जी ने झंडी दिखाकर कावड़ महायात्रा को रवाना किया।
इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार की प्रमुख श्रद्धेया जीजी एवं श्रद्धेय डॉक्टर साहब भी कावड़ यात्रा में सम्मिलित हुए और साधकों का उत्साहवर्धन किया।
तिरंगे झंडों से सजी यात्रा
शांतिकुंज, देव संस्कृति विश्वविद्यालय एवं ब्रह्मवर्चस्व शोध संस्थान के कार्यकर्ताओं सहित देश-विदेश से आए गायत्री साधकों ने बड़ी संख्या में यात्रा में सहभागिता की। टू-व्हीलर एवं फोर-व्हीलर वाहनों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। वाहनों पर तिरंगे झंडे लहरा रहे थे। आध्यात्मिक श्रद्धा के साथ राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण एवं हरितिमा संवर्धन का संदेश देती यह यात्रा आकर्षण का केंद्र रही।
विभिन्न मार्गों से होकर देव संस्कृति विश्वविद्यालय पहुँची यात्रा
कावड़ महायात्रा गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के देवात्म हिमालय परिसर से प्रारंभ होकर गेट नंबर-1, ब्रह्मवर्चस्व शोध संस्थान, पावन धाम हाईवे, हरकी पैड़ी, चंडी चौक, आर्यनगर चौक,रानीपुर मोड़ ज्वालापुर से होते हुए वापस देव संस्कृति विश्वविद्यालय पहुँची।
प्रज्ञेश्वर महादेव का गंगाजल से अभिषेक
देव संस्कृति विश्वविद्यालय स्थित प्रज्ञेश्वर महादेव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पावन गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक किया गया। सामूहिक शिव आराधना एवं मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने राष्ट्र, समाज एवं विश्व के कल्याण की मंगलकामना की। श्रद्धा और उल्लास से भरी इस यात्रा के अंत में सामूहिक शांति पाठ के साथ श्रावण शिवरात्रि कावड़ महायात्रा का विधिवत समापन हुआ।
प्रस्तुत है कावड़ यात्रा की मनमोहक चित्र
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