IIM Trichy के चेयरमैन एवं Asian Paints के को-प्रमोटर जलज दानी का देव संस्कृति विश्वविद्यालय में आत्मीय आगमन
हरिद्वार। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट तिरुचिरापल्ली (IIM Trichy) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन एवं Asian Paints के को-प्रमोटर श्री जलज दानी जी का देव संस्कृति विश्वविद्यालय में आत्मीय आगमन हुआ।
इस अवसर पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी ने उनका स्वागत किया। इसके पश्चात दोनों के बीच शिक्षा, नेतृत्व, नवाचार एवं युवा विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक एवं आत्मीय संवाद हुआ।
वार्ता के दौरान मूल्यपरक शिक्षा के माध्यम से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, नवाचार की भावना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही, शिक्षा जगत एवं उद्योग क्षेत्र के बीच सहयोग को और अधिक प्रभावी बनाने के विभिन्न आयामों पर भी चर्चा हुई।
श्री जलज दानी जी का यह आगमन देव संस्कृति विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं मूल्यपरक दृष्टि से परिचित होने के साथ-साथ ज्ञान, नवाचार, नेतृत्व एवं युवा विकास के क्षेत्र में सहयोग की नई संभावनाओं को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण अवसर रहा।
Recent Post
विश्व योग दिवस पर शिविर का आयोजन
विश्व योग दिवस पर गायत्री शक्तिपीठ जमालपुर में योग शिविर का आयोजन
जमालपुर, 21 जून। विश्व योग दिवस के अवसर पर गायत्री परिवार ट्रस्ट एवं प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ, जमालपुर के संयुक्त तत्वावधान ...
शांति और सौंदर्य को अपने अंदर खोजो
उनसे प्यार करो, जिन्हें लोग पतित, गर्हित और हेय समझते हैं। जिन्हें केवल निंदा और भर्त्सना ही मिलती है। जो अपने ऊपर लदे हुए पिछड़ेपन के कारण न किसी के मित्र बन पाते हैं और न जिन्हें कोई प्यार करता ह...
समूचा ब्रह्मांड एक चैतन्य शरीर
प्रौढ़ता को प्राप्त करता हुआ विज्ञान अब उन्हीं निष्कर्षों पर पहुँच रहा है, जिन पर सदियों पूर्व भारतीय तत्त्ववेत्ता ज्योतिर्विद् पहुँच चुके थे। समूचा ब्रह्मांड एक चैतन्य शरीर है, जिसका प्रत्येक स्पं...
संवेदना की समस्या को कौन सुलझाएगा?
ज्ञान के दो पक्ष हैं— एक विचारणा, दूसरा संवेदना। विचार मस्तिष्क की देन हैं। वे बाहर से होते हैं; प्रशिक्षण एवं अनुभव के सहारे। भाव भीतर से उठते हैं। वे अंतःकरण के उत्पादन हैं। विचारों से जानक...
विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय निश्चित
अध्यात्म और विज्ञान को पिछले दिनों परस्पर विरोधी माना जाता रहा है। नवीनतम शोधें उन्हें पूरक ही नहीं, एकीभूत भी सिद्ध कर रही हैं। चेतना के क्षेत्र में वैज्ञानिक चिंतन का योग अगले दिनों शोध के नए आधा...
असीम पर निर्भर ससीम जीवन
“धरती पर जीवनोपयोगी परिस्थितियों का आधार जिन रासायनिक हलचलों और आणविक गतिविधियों पर निर्भर है, वे अंतरिक्ष से आने वाले रेडियो-तरंगों पर अवलंबित हैं। शक्ति के स्रोत उन्हीं में हैं। विविध विधि ...
धरती माँ को ओढ़ाई हरी चादर | विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण अभियान
जमालपुर, 5 जून 2026।
विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ, जमालपुर द्वारा महिला मंडल के सहयोग से काली पहाड़ी, छठ पूजा घाट (नहर परिसर) में एक विशाल वृक्षारोपण अभिया...
अखिल विश्व गायत्री परिवार के आवाहन पर घर घर किया गया यज्ञ
घर घर में में हम यज्ञ रचाएं, आओ भारत सबल बनाएं इसी कामना से आज बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व पर अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज (हरिद्वार) के दिशा निर्देश पर जनपद बलरामपुर के पचपेड़वा, गैं...
अब दर्शन की बारी है, उसे कुछ करने दिया जाए
विज्ञान का तात्पर्य— “प्रकृति के कुछ रहस्यों का उद्घाटन अथवा कुछ उपकरणों का निर्माण कर लेना मात्र नहीं है, वरन् उसकी व्यापकता मानवी दृष्टिकोण को अधिक सुविस्तृत, तथ्यपूर्ण एवं सत्यनिष्ठ ...
धर्म और दर्शन की उत्क्रांति भी आवश्यक
भावी पीढ़ी को मानसिक दिग्भ्रांति से बचाने के लिए यह प्रश्न सुलझाना आवश्यक है। धर्म के गिरते हुए मूल्य को देखकर ऐसा लगता है कि कहीं आने वाली पीढ़ियाँ पूर्णतया पदार्थवादी होकर अपनी आध्यात्मिक शक्तिया...
