जन्मशताब्दी समारोह के लिए साधना में जुटे गायत्री परिवार के साधक
नेपाल त्रासदी के मृतात्माओं की शांति व सद्गति हेतु प्रार्थना
नोएडा/हरिद्वार 27 अगस्त।
अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका माता भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी वर्ष का द्वितीय चरण अब निकट है। 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में होने वाले विराट समारोह को लेकर गायत्री परिवार में उत्साह के साथ भावनात्मक तैयारियां भी तेज हो गई हैं।
इसी क्रम में जन्मशताब्दी समारोह के दलनायक एवं देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने दीप प्रज्वलन कर साधना कक्ष का शुभारंभ किया। जन्मशताब्दी समारोह की सफलता के लिए यहां अखंड गायत्री महामंत्र की सामूहिक साधना का क्रम प्रारंभ हुआ। साधकों ने मां गायत्री का स्मरण करते हुए राष्ट्र, समाज और विश्व कल्याण की कामना की। वहीं नेपाल बाढ़ से असमय कालकवलित हुए मृतात्माओं की शांति एवं सद्गति हेतु प्रार्थना की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जन्मशताब्दी वर्ष माता भगवती देवी शर्मा के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का पावन संकल्प है। माता जी ने अपना संपूर्ण जीवन नारी जागरण, संस्कार निर्माण और मानवता की सेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि साधना से अंतःकरण में शक्ति आती है और सामूहिक साधना से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यही ऊर्जा जन्मशताब्दी समारोह के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में प्रेरक बनेगी।
जन्मशताब्दी समारोह के समन्वयक ने बताया कि साधना कक्ष में नियमित रूप से सामूहिक गायत्री महामंत्र साधना का क्रम चलेगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सभी कार्यकर्ता स्वयं साधना से जुड़ेंगे और अधिक से अधिक लोगों को साधना, सेवा एवं संगठन से जोड़ने का प्रयास करेंगे। इस अवसर पर शांतिकंुज व्यवस्थापक श्री योगेन्द्र गिरि सहित एनसीआर के गायत्री परिवार से जुड़े अनेक भाई बहिन उपस्थित रहे।
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