नेपाल बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए शांतिकुंज से चार वाहनों में राहत सामग्री रवाना
हरिद्वार, 28 अगस्त। नेपाल में आई भयावह बाढ़ एवं आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के आपदा प्रबंधन विभाग ने त्वरित पहल करते हुए बड़े पैमाने पर राहत सामग्री तैयार की। 27 अगस्त को ही राहत सामग्री जुटाने एवं पैकिंग का कार्य प्रारंभ कर दिया गया था और 28 अगस्त की प्रातः चार वाहनों में राहत सामग्री लेकर आपदा राहत दल नेपाल के लिए रवाना हुआ।
जब पूरी दुनिया रक्षाबंधन का पर्व मना रही थी, उसी समय शांतिकुंज के स्वयंसेवी भाई-बहन नेपाल की इस भयावह त्रासदी में अपने प्रियजनों एवं परिवारों को खो चुके पीड़ित भाई-बहनों की सेवा के लिए दिन-रात जुटे हुए थे। पीड़ित मानवता की सहायता को अपना दायित्व मानते हुए स्वयंसेवकों ने अत्यंत तत्परता एवं समर्पण के साथ राहत सामग्री तैयार की।
राहत दल के चार वाहनों में आवश्यक राशन, दवाइयाँ, कपड़े, बर्तन, तिरपाल तथा अन्य जरूरी राहत सामग्री भेजी गई है। प्रस्थान से पूर्व राहत दल के सदस्यों ने शांतिकुंज की परम श्रद्धेया शैल दीदी एवं परम आदरणीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात शांतिकुंज के व्यवस्थापक आदरणीय श्री योगेंद्र गिरी जी ने राहत दल को हरी झंडी दिखाकर नेपाल के लिए रवाना किया।
इस 14 सदस्य राहत दल का नेत्रत्व कर रहें श्री मंगल सिंह गढ़वाल जी ने बताया की मार्ग में स्थित गायत्री शक्तिपीठ गोरखपुर द्वारा भी चावल, दाल एवं अन्य रोजमर्रा की आवश्यक सामग्री राहत दल को सौपी गई है।
गायत्री परिवार आपदा एवं विपदा की प्रत्येक परिस्थिति में पीड़ित मानवता की सेवा के लिए सदैव अग्रिम पंक्ति में रहा है। नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा के समय भी शांतिकुंज के स्वयंसेवकों ने संवेदना, सेवा और सहयोग की भावना के साथ राहत कार्य में तत्परता दिखाई है।
राहत दल के 28 अगस्त की शाम तक नेपाल में प्रवेश कर जाने की संभावना है। वहाँ पहुँचकर दल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुँचाने एवं आवश्यकतानुसार सेवा कार्यों में सहयोग करेगा।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सेवा का यह संकल्प इस संदेश को साकार करता है कि मानवता के रिश्ते सीमाओं से परे होते हैं और पीड़ित मानव की सेवा ही सच्ची संवेदना एवं करुणा का परिचायक है।
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