मंड्रेला में गूंजा युग निर्माण का संदेश, 108 कुण्डीय यज्ञ के अंतर्गत भव्य दीपयज्ञ महोत्सव
मंड्रेला, झुंझुनू (राजस्थान)।
108 कुण्डीय यज्ञ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित भव्य दीपयज्ञ महोत्सव में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पंड्या जी का पावन आगमन हुआ। गायत्री परिजनों द्वारा उनका स्नेहपूर्ण एवं भव्य स्वागत किया गया। तत्पश्चात् डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने कार्यक्रम स्थल पर ध्वजारोहण कर मंच पर पहुंचकर दीपयज्ञ महोत्सव में सहभागिता की।
इस अवसर पर डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि दीपयज्ञ केवल दीप प्रज्वलन का आयोजन नहीं, बल्कि व्यक्ति के अंतर्मन में सद्विचार, सद्भाव और सत्कर्मों का प्रकाश जगाने का संकल्प है। साथ ही, उन्होंने परम वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी वर्ष के विशेष अवसर पर परम पूज्य गुरुदेव एवं परम वंदनिया माताजी के विचारों को, श्रद्धा एवं समर्पण के भाव को जन-जन तक पहुँचाने तथा अधिकाधिक लोगों को इन पावन आयोजनों से जोड़कर सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
इस महाद्वीपयज्ञ की अंतिम श्रृंखला में कार्यक्रम के आयोजक मण्डल द्वारा आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी को स्मृति चिन्ह भेंट कर ससम्मान विदाई दी गई।
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