कोचवा में 5 कुंडीय गायत्री महायज्ञ संपन्न, क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना
कोचवा। कोचवा निवासी शांतिलाल धाकड़ द्वारा सवा लाख गायत्री मंत्र का अनुष्ठान किया गया। अनुष्ठान की पूर्णाहुति के अवसर पर क्षेत्र में अच्छी वर्षा, सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की मंगलकामना को लेकर 5 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया।
यज्ञाचार्य तुलसीराम धाकड़, गोवर्धन धाकड़, मूलचंद धाकड़, भेरूलाल धाकड़ एवं देवी लाल गुर्जर द्वारा यज्ञ विधिविधानपूर्वक संपन्न कराया गया। यज्ञ में गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, नवग्रह देवता, वरुण देवता एवं पोड़सा मातृका की आहुतियां समर्पित की गईं। श्रद्धालुओं ने यज्ञाग्नि में आहुति अर्पित करते हुए कनेरा घाटा क्षेत्र में अच्छी वर्षा, कृषि की उन्नति, सुख-शांति एवं सर्वांगीण समृद्धि की प्रार्थना की।
महायज्ञ में कनेरा, बागोड़ाघाटा, मनोहरखेड़ी, बड़ावली, बेनीपुरिया, सरसी, मेलाना, पालड़ा, सरोदा, जावद एवं नयागांव सहित आसपास के क्षेत्रों से गायत्री परिजन एवं श्रद्धालु शामिल हुए तथा यज्ञाग्नि में आहुतियां अर्पित कीं।
यज्ञ भारतीय संस्कृति की महान परंपरा
इस अवसर पर गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति की प्राचीन एवं वैज्ञानिक जीवन-पद्धति का महत्वपूर्ण अंग है। यज्ञ केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि त्याग, सेवा, सहयोग, सद्भाव एवं पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा देने वाला संस्कार है। यज्ञ के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर श्रेष्ठ विचारों एवं संस्कारों का विकास करते हुए समाज एवं राष्ट्र के कल्याण में योगदान देने की प्रेरणा प्राप्त करता है।
गायत्री परिवार के विचारों के अनुरूप मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग का अवतरण तभी संभव है, जब व्यक्ति अपने विचार, व्यवहार एवं जीवनचर्या को श्रेष्ठ बनाए तथा समाज में सद्भाव, सेवा और संस्कारों का विस्तार करे।
महायज्ञ के माध्यम से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, स्वस्थ एवं संस्कारवान समाज, पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक एवं सामाजिक सद्भाव तथा विश्वशांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। साथ ही समय पर पर्याप्त वर्षा होने तथा किसानों सहित समस्त क्षेत्रवासियों के सुखी एवं समृद्ध जीवन की मंगलकामना की गई। कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह एवं सामूहिक संकल्प के वातावरण में संपन्न हुआ।
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