नारियां अपने सौभाग्य को पहचाने और नारी जागरण आंदोलन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें- आदरणीय श्रीमती शेफाली पंडया
|| छीपड़ी, खेड़ा, गुजरात || 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं नारी जागरण सम्मेलन छीपड़ी, खेड़ा कार्यक्रम हेतु दिनांक 6 अप्रैल 2024 को अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रतिनिधि आदरणीया शेफाली पंड्या जीजी गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट पर पहुंचीं, जहां पर महिलामंडल की बहनों और गायत्री परिजनों ने उनका भव्य स्वागत किया। तत्पश्चात् वे खेड़ा जिले के छीपडी में आयोजित 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं नारी जागरण सम्मेलन में पहुंचीं और उन्होंने गायत्री परिजनों को संबोधित किया। इस अवसर पर नारी की गौरव गरिमा की महत्ता बताते हुए शेफाली जीजी ने कहा कि हम सभी बड़े सौभाग्यशाली हैं परम पूज्य गुरुदेव और परम वंदनीया माताजी के इस विराट मिशन के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि नारी का स्थान देवताओं से भी ऊंचा है। अपने सौभाग्य को पहचाने और नारी जागरण आंदोलन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। प्रस्तुत है झलकियां।
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उनसे प्यार करो, जिन्हें लोग पतित, गर्हित और हेय समझते हैं। जिन्हें केवल निंदा और भर्त्सना ही मिलती है। जो अपने ऊपर लदे हुए पिछड़ेपन के कारण न किसी के मित्र बन पाते हैं और न जिन्हें कोई प्यार करता ह...
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प्रौढ़ता को प्राप्त करता हुआ विज्ञान अब उन्हीं निष्कर्षों पर पहुँच रहा है, जिन पर सदियों पूर्व भारतीय तत्त्ववेत्ता ज्योतिर्विद् पहुँच चुके थे। समूचा ब्रह्मांड एक चैतन्य शरीर है, जिसका प्रत्येक स्पं...
संवेदना की समस्या को कौन सुलझाएगा?
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असीम पर निर्भर ससीम जीवन
“धरती पर जीवनोपयोगी परिस्थितियों का आधार जिन रासायनिक हलचलों और आणविक गतिविधियों पर निर्भर है, वे अंतरिक्ष से आने वाले रेडियो-तरंगों पर अवलंबित हैं। शक्ति के स्रोत उन्हीं में हैं। विविध विधि ...
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भावी पीढ़ी को मानसिक दिग्भ्रांति से बचाने के लिए यह प्रश्न सुलझाना आवश्यक है। धर्म के गिरते हुए मूल्य को देखकर ऐसा लगता है कि कहीं आने वाली पीढ़ियाँ पूर्णतया पदार्थवादी होकर अपनी आध्यात्मिक शक्तिया...
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पिछले दिनों धर्म और विज्ञान को विरोधी माना जाता रहा है। दोनों के तर्क, प्रतिपादन और आधार एकदूसरे से भिन्न समझे जाते रहे हैं। एक को प्रत्यक्षवादी और दूसरे को परोक्षवादी कहकर उन्हें असंबद्ध कहा जाता ...

