World Religious Commit to the Rome Call में भारत के एकमात्र प्रतिनिधि डॉ चिन्मय जीआमंत्रित
आद. डॉ. पंड्या संयुक्त राष्ट्र संघ के Rome Call for AI Ethics पर भारत और सनातन धर्म के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित रहे।
दिनांक- 9 जुलाई 2024 को अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय प्रतिकुलपति आद. डॉ. चिन्मय पंड्या जी को भारत के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में World Religious Commit to the Rome Call हेतु हिरोशिमा जापान में बुलाया गया।
इस अवसर पर जापान के प्रधानमंत्री H.E Fumio Kishida, Rev Yoshiharu Tomatsu, Chairperson of RoP, Japan, H E Archibishop Paglia, Pesident, Pontifical Academy of Life, H E Shaykh Abdallah Bin Bayyah, President, Abu Dhabi Forum for Peacem Brad Smith, President of Microsoft, Dario Gil, VP, IBM जैसे गणमान्य अतिथियों के मध्य में आद. डॉ. पंड्या संयुक्त राष्ट्र संघ के Rome Call for AI Ethics पर भारत और सनातन धर्म के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित रहे।
विदित हो कि इस घोषणा पत्र पर आद. डॉ. पंड्या द्वारा हस्ताक्षर करने पर गायत्री परिवार विश्व के उन चुनींदा संस्थानों में सम्मिलित हो जाएगा जो AI Ethics घोषणा पत्र पर विश्व की गणमान्य संस्थाओं के साथ हस्ताक्षर करेंगे।
Recent Post
शांति और सौंदर्य को अपने अंदर खोजो
उनसे प्यार करो, जिन्हें लोग पतित, गर्हित और हेय समझते हैं। जिन्हें केवल निंदा और भर्त्सना ही मिलती है। जो अपने ऊपर लदे हुए पिछड़ेपन के कारण न किसी के मित्र बन पाते हैं और न जिन्हें कोई प्यार करता ह...
समूचा ब्रह्मांड एक चैतन्य शरीर
प्रौढ़ता को प्राप्त करता हुआ विज्ञान अब उन्हीं निष्कर्षों पर पहुँच रहा है, जिन पर सदियों पूर्व भारतीय तत्त्ववेत्ता ज्योतिर्विद् पहुँच चुके थे। समूचा ब्रह्मांड एक चैतन्य शरीर है, जिसका प्रत्येक स्पं...
संवेदना की समस्या को कौन सुलझाएगा?
ज्ञान के दो पक्ष हैं— एक विचारणा, दूसरा संवेदना। विचार मस्तिष्क की देन हैं। वे बाहर से होते हैं; प्रशिक्षण एवं अनुभव के सहारे। भाव भीतर से उठते हैं। वे अंतःकरण के उत्पादन हैं। विचारों से जानक...
विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय निश्चित
अध्यात्म और विज्ञान को पिछले दिनों परस्पर विरोधी माना जाता रहा है। नवीनतम शोधें उन्हें पूरक ही नहीं, एकीभूत भी सिद्ध कर रही हैं। चेतना के क्षेत्र में वैज्ञानिक चिंतन का योग अगले दिनों शोध के नए आधा...
असीम पर निर्भर ससीम जीवन
“धरती पर जीवनोपयोगी परिस्थितियों का आधार जिन रासायनिक हलचलों और आणविक गतिविधियों पर निर्भर है, वे अंतरिक्ष से आने वाले रेडियो-तरंगों पर अवलंबित हैं। शक्ति के स्रोत उन्हीं में हैं। विविध विधि ...
धरती माँ को ओढ़ाई हरी चादर | विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण अभियान
जमालपुर, 5 जून 2026।
विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ, जमालपुर द्वारा महिला मंडल के सहयोग से काली पहाड़ी, छठ पूजा घाट (नहर परिसर) में एक विशाल वृक्षारोपण अभिया...
अखिल विश्व गायत्री परिवार के आवाहन पर घर घर किया गया यज्ञ
घर घर में में हम यज्ञ रचाएं, आओ भारत सबल बनाएं इसी कामना से आज बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व पर अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज (हरिद्वार) के दिशा निर्देश पर जनपद बलरामपुर के पचपेड़वा, गैं...
अब दर्शन की बारी है, उसे कुछ करने दिया जाए
विज्ञान का तात्पर्य— “प्रकृति के कुछ रहस्यों का उद्घाटन अथवा कुछ उपकरणों का निर्माण कर लेना मात्र नहीं है, वरन् उसकी व्यापकता मानवी दृष्टिकोण को अधिक सुविस्तृत, तथ्यपूर्ण एवं सत्यनिष्ठ ...
धर्म और दर्शन की उत्क्रांति भी आवश्यक
भावी पीढ़ी को मानसिक दिग्भ्रांति से बचाने के लिए यह प्रश्न सुलझाना आवश्यक है। धर्म के गिरते हुए मूल्य को देखकर ऐसा लगता है कि कहीं आने वाली पीढ़ियाँ पूर्णतया पदार्थवादी होकर अपनी आध्यात्मिक शक्तिया...
धर्म और विज्ञान जुड़वाँ भाई
पिछले दिनों धर्म और विज्ञान को विरोधी माना जाता रहा है। दोनों के तर्क, प्रतिपादन और आधार एकदूसरे से भिन्न समझे जाते रहे हैं। एक को प्रत्यक्षवादी और दूसरे को परोक्षवादी कहकर उन्हें असंबद्ध कहा जाता ...

