गायत्री शक्तिपीठ आगमन, दर्शन–पूजन एवं महाकाल मंदिर में जलाभिषेक
प्रवास के अगले चरण में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी का गायत्री शक्तिपीठ, गोण्डा पर पावन आगमन हुआ, जहाँ उन्होंने शक्तिपीठ में निहित दिव्य चेतना को नमन करते हुए माताजी के पवित्र स्वरूप सजल श्रद्धा प्रखर प्रज्ञा पर श्रद्धासुमन एवं पुष्पांजलि अर्पित की।
आदरणीय पण्ड्या जी ने आरती में सहभाग करते हुए समस्त विश्व-मानवता के कल्याण, समाज-उद्धार, सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा युगधर्म के अनुपालन हेतु गहन प्रार्थना की। शक्तिपीठ परिसर में उपस्थित परिजनों, मातृशक्ति, युवाओं एवं प्रतिनिधियों ने उनके आगमन को अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भाव-विभोरता के साथ अनुभव किया।
इसके उपरान्त आदरणीय पण्ड्या जी समीप स्थित महाकाल मंदिर पहुँचे, जहाँ उन्होंने भगवान शिव का पवित्र जलाभिषेक कर राष्ट्र एवं समाज की मंगलकामनाओं के लिए विनम्र प्रार्थना की।
भेंट–पूजन के पश्चात आदरणीय पण्ड्या जी ने परिजनों एवं स्थानीय प्रतिनिधियों से आत्मीय भेंटवार्ता कर उनके सेवाकार्यों की सराहना की तथा युग निर्माण के भाव से आगे बढ़ने हेतु प्रेरणा प्रदान की।
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