शांतिकुंज के प्रज्ञा बैंड ने 19वीं डायमंड जुबिली जम्बूरी के ग्रैंड फिनाले में बढ़ाया उत्तराखंड का मान
हरिद्वार/लखनऊ,
परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीय माताजी के आदर्शों से प्रेरित गायत्री विद्यापीठ, शांतिकुंज के प्रज्ञा बैंड ने 19वीं डायमंड जुबिली राष्ट्रीय स्काउट्स एवं गाइड्स जम्बूरी, लखनऊ के भव्य समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि थीं। राष्ट्रपति के स्वागत हेतु देश के केवल चार बैंडों का चयन किया गया, जिनमें उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रज्ञा बैंड को विशिष्ट अवसर प्राप्त हुआ।
लगभग 35,000 स्काउट्स, गाइड्स एवं लीडर ट्रेनर की उपस्थिति में प्रज्ञा बैंड का अनुशासित प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। बैंड की वेशभूषा, तालबद्ध संगीत और सटीक मार्च-पास्ट ने दर्शकों का मन मोहा।
जम्बूरी में उत्तराखंड के प्राप्त ग्रेड
-
A ग्रेड: कैंप फायर, स्काउट गेट, गाइड कैंप क्राफ्ट, पीजैण्ट शो
-
B ग्रेड: गाइड गेट, स्काउट कैंप क्राफ्ट, रंगोली, पायनियरिंग, बैंड, फूड प्लाजा, स्किल ओ रामा, प्रदर्शनी
-
C ग्रेड: मार्च पास्ट कलर पार्टी
शांतिकुंज परिवार ने सभी यूनिट लीडरों, स्काउट्स और गाइड्स को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी है।
Recent Post
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 157):आत्मीयजनों से अनुरोध एवं उन्हें आश्वासन
कहने को गायत्री परिवार, प्रज्ञा परिवार आदि नाम रखे गए हैं और उनकी सदस्यता का रजिस्टर तथा समयदान-अंशदान का अनुबंध भी है, पर वास्तविकता दूसरी ही है, जिसे हम सब भली भाँति अनुभव भी करते हैं। वह है&mdas...
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 156):आत्मीयजनों से अनुरोध एवं उन्हें आश्वासन
साधना से उपलब्ध अतिरिक्त सामर्थ्य को विश्व के मूर्द्धन्य वर्गों को हिलाने-उलटने में लगाने का हमारा मन है। अच्छा होता सुई और धागे को आपस में पिरो देने वाले कोई सूत्र मिल जाते; अन्यथा सर्वथा अपरिचित ...
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 155):तीन संकल्पों की महान् पूर्णाहुति
हमने जैसा कि इस पुस्तक में समय-समय पर संकेत किया है। जैसे हमारे बॉस के आदेश मिलते रहे हैं, वैसे ही हमारे संकल्प बनते, पकते व फलित होते गए हैं। सन् 1986 वर्ष का उत्तरार्द्ध हमारे जीवन का महत्त्वपूर्...
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 154): जीवन के उत्तरार्द्ध के कुछ महत्त्वपूर्ण निर्धारण
परिवर्तन और निर्माण दोनों ही कष्टसाध्य हैं। भ्रूण जब शिशुरूप में धरती पर आता है, तो प्रसवपीड़ा के साथ होने वाला खून-खच्चर दिल दहला देता है। प्रस्तुत परिस्थितियों के दृश्य और अदृश्य दोनों ही पक्ष ऐसे...
विशिष्ट सामायिक चिंतन: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.) एवं शिक्षा
आज जीवन के हर क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात ए०आई० (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का बोलबाला है। ए०आई० समाचार की सुर्खियों से आगे जीवन के हर पक्ष का हिस्सा बनती जा रही है। स्वास्थ्य, कृषि, बैंकिं...
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 153): जीवन के उत्तरार्द्ध के कुछ महत्त्वपूर्ण निर्धारण
कार्यक्रमों में प्रचारात्मक, रचनात्मक और सुधारात्मक अनेक कार्य हैं, जिन्हें घर से बाहर रहते हुए परिस्थितियों के अनुरूप कार्यान्वित किया जा सकता है। प्रचारात्मक स्तर के कार्य— 1. झोला पुस्तकाल...
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 152): जीवन के उत्तरार्द्ध के कुछ महत्त्वपूर्ण निर्धारण
माना कि आज स्वार्थपरता, संकीर्णता और क्षुद्रता ने मनुष्य को बुरी तरह घेर रखा है, तो भी इस धरती को वीर विहीन नहीं कहा जा सकता। 60 लाख साधु-बाबा यदि धर्म के नाम पर घर-बार छोड़कर मारे-मारे फिर सकते हैं...
विज्ञान को शैतान बनने से रोकें:अनियंत्रित प्रगति अर्थात महामरण की तैयारी
सामान्य व्यक्ति का मस्तिष्क विकृत हो तो वह थोड़े ही व्यक्तियों का अहित कर सकता है। उसी तरह की दुर्बुद्धि वाले लोगों का एक समूह निकल पड़े, तो हानि की सँभावनाएँ निश्चित बढ़ती हैं। किंतु यदि यही रोग र...
होली
होली विशेषांक— 4
पुराणकालीन, आदर्शसत्याग्रही, भक्त प्रह्लाद के दमन के लिए हिरण्यकश्यप के छल-प्रपंच सफल न हो सके। उसे भस्म करने के प्रयास में होलिका जल मरी और प्रहलाद तपे कंचन बन गए। ख...
अपनों से अपनी बात- होली का संदेश
होली विशेषांक— 3
मातृभूमि की धूलि मस्तक पर लगाकर देशभक्ति की प्रतिज्ञा लेने का महापर्व है— होली। यह असमानता के अभिशाप को जला देने का पर्व भी है। यह पर्व यह संदेश देता है कि आर्थिक...

.jpg)
