जनमेदिनी को दिलाए व्यसनमुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्प
दिनौरा, संभल। उत्तर प्रदेश
17 से 20 दिसम्बर 2023 की तिथियों में संभल जिले के ग्राम दिनौरा में 108 कुण्डीय राष्ट्र जागरण गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी ने उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को भावनात्मक रूप से यज्ञ से जोड़ते हुए कहा कि अपने उद्देश्यों के प्रति सकारात्मक भाव रखकर निरंतर आगे बढ़ते रहने का नाम ही जीवन है। वे महायज्ञ में आयोजित युवा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
व्यसनमुक्ति एवं पर्यावरण शोधन दिनौरा के 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में व्यसनमुक्ति और पर्यावरण शोधन के लिए वृक्षारोपण पर अत्यधिक महत्त्व दिया गया। कार्यक्रम संचालन के लिए शान्तिकुञ्ज से गई श्री योगेश शर्मा, श्री ओंकार पाटीदार आदि की टोली ने यज्ञ का महत्त्व बड़े विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि यज्ञ से शारीरिक, मानसिक और वैचारिक स्थिति में हजार गुना बदलाव आता है। आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी ने युवा सम्मेलन में हजारों युवाओं में व्यसनमुक्ति और पर्यावरण शोधन के लिए बृहद् स्तर पर वृक्षारोपण करने के संकल्प जगाए।
दिनौरा के महायज्ञ में अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। सर्वश्री विजयपाल, ओमपाल, संतोष गुप्ता, संजीव कुमार, कुलदीप शर्मा, भूरेलाल शर्मा, भगत सिंह, सोपाली सिंह और शान्तिकुञ्ज प्रतिनिधि सूरजपाल सिंह आदि का विशेष सहयोग रहा।
आत्मचेतना के परिशोधन से संभावनाओं के द्वार स्वत: खुलते जाते हैं। शान्तिकुञ्ज प्रतिनिधि ने कहा कि मनुष्य अगर अपने जीवन का परिशोधन करे तो संभावनाओं के
द्वार स्वत: खुलते जाते हैं। अपना महत्त्व समझना चाहिये और अपने विचार व कर्मों को शुद्ध करना चाहिए। अपने जीवन का मूल्य समझते हुए अपनी अंतर्चेतना को जगाने के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए। गायत्री महामंत्र का महत्त्व बताते हुए उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र के प्रभाव से साधक का व्यक्तित्व ऊँचा उठता है और वह आत्मबल संपन्न बनता चला जाता है।
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