भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के पुरस्कार वितरण समारोह
गायत्री उपासक जिला शिक्षाधिकारी ने बताए गायत्री मंत्र जप के लाभ
जिला शिक्षाधिकारी सुश्री इंदु बोकेन कसाना जी का पूरा परिवार गायत्री उपासना तथा युग साहित्य एवं अखंड ज्योति पत्रिका के स्वाध्याय में
संलग्न है।
गुरूग्राम। हरियाणा
18 अप्रैल 2024 को राजकीय संस्कृति मॉडल विद्यालय में भारतीय
संस्कृति ज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त विद्यार्थियों का प्रावीण्य छात्र
सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि
गुरूग्राम की जिला शिक्षा अधिकारी कैप्टन इंदु बोकेन कसाना जी एवं
शान्तिकुञ्ज प्रतिनिधि श्री बालरूप शर्मा जी विशिष्ट अतिथि रहे। इस
अवसर पर बोलते हुए जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री बोकेन ने बच्चों को गायत्री मंत्र जप के लाभों की जानकारी दी। उन्होंने कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के सभी छात्रों कोे नियमित गायत्री मंत्र लेखन करने का सुझाव दिया। प्रधानाचार्य दिनेश जी ने इसे नियमित कराने का आश्वासन दिया।
गुरूग्राम जिले के कुल 6000 छात्रों ने गतवर्ष भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में भाग लिया था। उनमें से विविध श्रेणियों में अग्रणी रहे 109 छात्रों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।
Recent Post
विज्ञान ने समस्याएँ सुलझाई कम, उलझाईं अधिक
विज्ञान की एक शाखा रसायनशास्त्र ने लाखों-करोड़ों कार्बनिक और अकार्बनिक पदार्थों की खोज कर ली। इतनी औषधियाँ बन चुकी हैं कि डॉक्टर उन सबको याद भी नहीं रख सकता। जीव विज्ञान ने यहाँ तक पहल...
विज्ञान और उसकी अस्थिरता
ईसा से 200 वर्ष पूर्व नीसिया के वैज्ञानिक ‘हिप्पार्कस’ ने बताया कि, “ब्रह्मांड का केंद्र पृथ्वी है। अन्य ग्रह-उपग्रह उसके चारों ओर केंद्रीय शक्ति (एक्...
विज्ञान की अपूर्णताएँ
विज्ञान की अधिकांश उपलब्धियाँ जड़ प्रकृति के क्षेत्र में हैं। पृथ्वी में पाए जाने वाले सभी कार्बनिक (आर्गेनिक) और अकार्बनिक (इन आर्गेनिक) धातुओं, खनिजों, गैसों और इन सबके द्वारा बनने वाले यंत्रों, ...
विज्ञान की अपूर्णता और स्थिरता
भौतिक तथ्यों की जानकारी देना और पदार्थ की शक्ति का सुविधाजनक उपयोग सिखाना— विज्ञान का क्षेत्र इतना ही है। हर बात की एक सीमा होती है। विज्ञान की सीमा भी इतनी ही है...
विज्ञान की अपूर्णता और अस्थिरता
भौतिक तथ्यों की जानकारी देना और पदार्थ की शक्ति का सुविधाजनक उपयोग सिखाना— विज्ञान का क्षेत्र इतना ही है। हर बात की एक सीमा होती है। विज्ञान की सीमा भी इतनी ही है। इस परिधि को किसी प्रकार कम ...
नवरात्रि में घर घर चल रहे विभिन्न संस्कार /गायत्री मंदिर पर रामनवमी पर्व पर पर होगा पूर्णाहुति और भंडारे का आयोजन
*नवरात्रि में घर घर चल रहे विभिन्न संस्कार*
*गायत्री मंदिर पर रामनवमी को होगा पूर्णाहुति और भंडारे का आयोजन*
संवाद सूत्र: पचपेड़वा/गैंसड़ी <...
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 157):आत्मीयजनों से अनुरोध एवं उन्हें आश्वासन
कहने को गायत्री परिवार, प्रज्ञा परिवार आदि नाम रखे गए हैं और उनकी सदस्यता का रजिस्टर तथा समयदान-अंशदान का अनुबंध भी है, पर वास्तविकता दूसरी ही है, जिसे हम सब भली भाँति अनुभव भी करते हैं। वह है&mdas...
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 156):आत्मीयजनों से अनुरोध एवं उन्हें आश्वासन
साधना से उपलब्ध अतिरिक्त सामर्थ्य को विश्व के मूर्द्धन्य वर्गों को हिलाने-उलटने में लगाने का हमारा मन है। अच्छा होता सुई और धागे को आपस में पिरो देने वाले कोई सूत्र मिल जाते; अन्यथा सर्वथा अपरिचित ...
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 155):तीन संकल्पों की महान् पूर्णाहुति
हमने जैसा कि इस पुस्तक में समय-समय पर संकेत किया है। जैसे हमारे बॉस के आदेश मिलते रहे हैं, वैसे ही हमारे संकल्प बनते, पकते व फलित होते गए हैं। सन् 1986 वर्ष का उत्तरार्द्ध हमारे जीवन का महत्त्वपूर्...
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 154): जीवन के उत्तरार्द्ध के कुछ महत्त्वपूर्ण निर्धारण
परिवर्तन और निर्माण दोनों ही कष्टसाध्य हैं। भ्रूण जब शिशुरूप में धरती पर आता है, तो प्रसवपीड़ा के साथ होने वाला खून-खच्चर दिल दहला देता है। प्रस्तुत परिस्थितियों के दृश्य और अदृश्य दोनों ही पक्ष ऐसे...
