हंगरी में भारत के राजदूत आदरणीय श्री अंशुमान गौर जी से गरिमामयी भेंट
अपने अंतरराष्ट्रीय प्रवास के अंतर्गत आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी, प्रतिनिधि अखिल विश्व गायत्री परिवार एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति, की हंगरी में भारत के राजदूत आदरणीय श्री अंशुमान गौर जी से आत्मीय एवं विचारपूर्ण भेंट हुई।
इस संवाद का प्रमुख केंद्र अखंड दीपक के 100 वर्षों की अविरल साधना-यात्रा रहा, जो परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी एवं वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी द्वारा स्थापित चेतना-प्रवाह, नैतिक शक्ति एवं वैश्विक मानव-कल्याण के संकल्प का प्रतीक है। डॉ. पंड्या जी ने अखंड दीपक के आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व को आंतरिक जागरण और सामूहिक उत्तरदायित्व के रूप में रेखांकित किया।
इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से संबंधित समकालीन गतिविधियों पर विचार-विमर्श हुआ, जिसमें तकनीकी प्रगति को मानवीय मूल्यों, नैतिकता और आध्यात्मिक दृष्टि के साथ संतुलित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।
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