योग एवं समग्र शिक्षा के माध्यम से भारत–हंगरी अकादमिक सहयोग की नई पहल
पने अंतरराष्ट्रीय प्रवास के अंतर्गत देव संस्कृति विश्वविद्यालय (डीएसवीवी), हरिद्वार के प्रति-कुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी की डीएसएस, बुडापेस्ट के महानिदेशक प्रो. डॉ. हैबिल टिबोर से गरिमामयी भेंट हुई, जिसमें भारत और हंगरी के बीच अकादमिक एवं सांस्कृतिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
इस संवाद का प्रमुख केंद्र हंगरी के विश्वविद्यालयों में योग कार्यक्रमों की शुरुआत, भारतीय पारंपरिक ज्ञान परंपराओं—विशेषतः योग एवं चेतना-आधारित शिक्षा—को आधुनिक विश्वविद्यालय पाठ्यक्रमों से जोड़ने पर रहा।
इसके साथ ही संयुक्त शोध परियोजनाओं, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के आयोजन तथा साझा शैक्षणिक एवं डिजिटल अध्ययन सामग्री के विकास पर भी सार्थक विचार-विमर्श हुआ, जिसका उद्देश्य समग्र शिक्षा और अंतर-सांस्कृतिक अकादमिक सहयोग को प्रोत्साहित करना है।
यह भेंट भारत–हंगरी शैक्षणिक संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई तथा डीएसवीवी और हंगरी के विश्वविद्यालयों के बीच दीर्घकालिक संस्थागत सहयोग की सशक्त आधारशिला रखी।
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